Hindi Real Life Story Women

विदा सुषमा जी……

क्या लिखूं आपके लिए??

ये कि आप एक सफल राजनीतिज्ञ थीं और अपने जीवन के सिर्फ़ पच्चीसवें वर्ष से ही देशप्रेम से ओतप्रोत जिस यात्रा को आरम्भ किया उसे प्रधानमंत्री को किये आखिरी ट्वीट के माध्यम से अपनी आखिरी सांस तक कायम रखा।

या फ़िर ये कि आप वो मुखर वक्ता थी जिसे मैंने और मेरे जैसे करोड़ों देशवासियों ने उस उम्र में सुना जब घर में ब्लैक एंड व्हाइट टीवी होता था और उस टीवी पर बस एक ही चैनल दूरदर्शन आता था। समाचार की किसी ख़बर में या किसी चर्चा में आप बोल रही होतीं थीं तो हम बच्चे भी टीवी के सामने से हिलने को तैयार नहीं होते थे।

या ये भी लिखूं कि आप वो भाषाविद् थी जिसकी पकड़ हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और कन्नड़ सहित कई अन्य भाषाओं में भी थी। किसी भी भाषा में आपकी वाणी ने सदा आकर्षित किया।
Susham Swaraj

या सबसे बड़ी बात कि आप वो आदर्श व्यक्तित्व एवं माँ थीं जिसने संसद में सिर्फ़ अपनी इकलौती बेटी पर लगे आरोपों से ही उसे नहीं बचाया बल्कि उन नब्बे हज़ार भारतीयों को भी बचाया जो अन्य देशों में अलग-अलग कारणों से जा फंसे थे और वहां से बचकर आना उनके अकेले के वश की बात नहीं थी। जिस ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल साइट को लोगों ने दिमागी कचरा निस्तारण यंत्र बना रखा है ऐसी साइटों पर आपकी हेल्पलाइन चल रही थी। जहाँ आपसे हर वो व्यक्ति मदद मांगने पहुँचने लगा जो ठीक से फोन पकड़ना भी नहीं जानता था।

आप तो वो भारतीय नारी थीं जिसके परिधान से लेकर हर व्रत त्यौहार में आपका संस्कृति प्रेम झलकता था।

असल में आप तो बस आप ही थीं,एक अद्भुत व्यक्तित्व
और आपके लिए लिखना सूर्य को दीपक दिखाने जैसा दुस्साहस है। मेरी लेखनी में वो दम नहीं जो आपके संपूर्ण व्यक्तित्व को उकेर पाने का दुस्साहस करें।

आज बस इतना लिखूंगी कि अपने पुण्य कर्मों के कारण आप जैसी व्यक्तित्व भले ही मोक्ष को प्राप्त हुईं लेकिन हर माँ के गर्भ से एक सुषमा स्वराज को अवश्य जन्म लेना चाहिए।

अश्रुपूरित आँखो से आपको विनम्र श्रद्धांजलि सुषमा स्वराज जी।

प्रज्ञा अखिलेश 

अकेली औरत जो अपनी बेटी की पेट भरने के लिए क़र्ज़े में डूब गयी है

"आप का योगदान भारतवर्ष के लिए हमेशा यादगार रहेगा "
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